माँ का दूध अमृत है, हर नवजात को मिले जीवन की यह पहली सुरक्षा” : मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल 

विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। एक अगस्त से प्रारंभ हो रहे विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री सुशील निर्मला भूरिया ने प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सभी नागरिकों का आहवान किया है कि बच्चे को जन्म के पहले घंटे में माँ का दूध और छह माह तक केवल माँ का दूध देना अत्यंत आवश्यक है। इस संदेश को घर-घर, गाँव-गाँव पहुँचाएं और माताओं को सही समय पर सही जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाएं।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विश्व रेडक्रॉस दिवस पर मानवता के सेवकों को किया नमन

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि माँ का दूध नवजात के लिए अमृत है। उन्होंने कहा कि स्तनपान नवजात शिशु के जीवन की सुरक्षा, पोषण और स्वास्थ्य की पहली एवं सबसे महत्वपूर्ण नींव है। पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु को न केवल संक्रमण से बचाता है बल्कि उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है। साथ ही माँ और शिशु के बीच पहले रिश्ते को भी सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी कई क्षेत्रों में परंपरागत भ्रांतियों के कारण नवजात को शहद, घुट्टी या पानी दिया जाता है, जो बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक है।

ये भी पढ़ें :  MP MSP Mung Procurement: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी का नया प्लान लागू, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज में पोषण और स्वास्थ्य परिवर्तन की है अग्रदूत

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केवल सेविका नहीं, बल्कि समाज में पोषण और स्वास्थ्य परिवर्तन की अग्रदूत हैं। वे माताओं की भरोसेमंद मार्गदर्शक हैं और उनके प्रयासों से ही संभव हो पाएगा कि हर माँ को स्तनपान के महत्व की जानकारी और परिवार का सहयोग प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का सामूहिक दायित्व है। इस विश्व स्तनपान सप्ताह में यह आवश्यक है कि हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नवजात माँ के दूध से वंचित न रहे।

ये भी पढ़ें :  प्रदेश में पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति का गठन, स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिसूचना की जारी

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment